Jai Yesu

जय येसु पुस्तक का विषय मुख्य रूप से ख्रीस्तीय धर्म के विभिन्न पहलुओं और धार्मिक संस्कारों पर आधारित है। इसमें दैनिक प्रार्थनाएँमिस्सा से संबंधित अनुवाक्य और प्रार्थनाएँ, पाप का पश्चाताप, ख्रीस्तीय प्रेम, और पवित्र संस्कारों की महत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समाहित किया गया है। इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को धार्मिक जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना और उन्हें ख्रीस्तीय संस्कारों के महत्व से अवगत कराना है।

15.00

Product Info

जय येसु पुस्तक ख्रीस्तीय विश्वास के बुनियादी तत्वों को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती है। इसमें ख्रीस्तीय धार्मिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरी रोशनी डाली गई है, जैसे कि दैनिक प्रार्थनाएँ, जो हर दिन के जीवन में ईश्वर से जुड़े रहने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पुस्तक में मिस्सा केदौरान बोले जाने वाले अनुवाक्य और प्रार्थनाएँ भी शामिल हैं,जो ख्रीस्तीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।

इसकेअलावा, पाप के पश्चाताप का संस्कार और उसकी महत्ता पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई है। इस संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करता हैऔर ईश्वर केसाथ अपने रिश्ते को सुधारता है। पुस्तक में ख्रीस्तीय प्रेम कीभावना को भी महत्वपूर्ण बताया गया है, जो विश्वासियों को एक-दूसरे के साथ सच्चे प्रेम और भाई चारे से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है।

इसके साथ ही, मरियम और संत जोसेफ के प्रति श्रद्धा भी दर्शाई गई है, जिनसे ख्रीस्तीय समुदाय को प्रेरणा मिलती है। संत जोसेफ को एक आदर्श पिताऔर मरियम को एक आदर्श माँ के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिनकी कृपा और आशीर्वाद से विश्वासियों का जीवन संपूर्ण होता है।

पवित्र  संस्कारों की भेंट, जैसे बपतिस्मा, मसीह के शरीर और रक्त का संस्कार, आदि पर भी पुस्तक में ध्यान केंद्रित किया गया है। इन संस्कारों का महत्व जीवन को ईश्वर केसाथ और भी प्रगाढ़ बनाने में होता है।

इस पुस्तक का उद्देश्य न केवल धार्मिक शिक्षा देना है, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा पर विश्वासियों को मार्गदर्शन प्रदान करना है, जिससे वे अपने जीवन में ईश्वर की उपस्थिति को महसूस कर सकेंऔर उनके जीवन में धार्मिकता की झलक दिख सके।

 

Additional information

Reviews

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.